
सिरोही। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य वीरेंद्रसिंह चौहान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मंत्री पद से दिए गए त्यागपत्र को भारतीय लोकतंत्र में नैतिक उत्तरदायित्व और जवाबदेही की श्रेष्ठ परंपरा का उदाहरण बताया।उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने त्यागपत्र के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि भाजपा के लिए सत्ता नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, लोकतांत्रिक मर्यादाएं और जनविश्वास सर्वोपरि हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी विवाद का प्रभाव विद्यार्थियों के भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए, इसी भावना से यह निर्णय लिया गया।वीरेंद्रसिंह चौहान ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नैतिक आधार पर लिया गया निर्णय लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक मजबूत करता है। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यकाल में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020), कौशल विकास, उच्च शिक्षा तथा शिक्षा सुधारों के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक कार्य किए हैं, जिन्हें देश सदैव याद रखेगा।उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनके व्यक्तित्व की गरिमा, संगठन के प्रति निष्ठा तथा लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति सम्मान को भी दर्शाता है।



